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क्या कर्मों का निर्वाह ही जीवन है?

क्या कर्मों का निर्वाह ही जीवन है?

प्रश्न: यदि कर्म बंधन से छुटकारा पाना ही हमारे जीवन का लक्ष्य है तो जीने का क्या आनंद ​है? उत्तर : यदि आप जीवन को संघर्ष मानेंगे या कर्मों के चक्र से लड़ेंगे तो अवश्य ही आपका जीवन प्रश्न बन कर रह जायेगा। तब आप खुश कैसे रह सकते हैं? इसके विपरीत यदि आप आस-पास देखेंगे तो...