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कबीर का भीतरी दर्पण

कबीर का भीतरी दर्पण

कबीर का भीतरी दर्पण प्रश्न:   निम्नलिखित दोहे में कबीर किस दर्पण की बात कर रहे हैं?   हृदय मा ही आरसी, मुख देखा नहीं जाए,   मुख तो तभी देखिये, जब दिल की दुविधा जाए।   उत्तर:   इस दोहे में संत कबीर अद्वैत वेदान्त के ‘चित्तछाया’ या ‘चिदाभास’...
मातृ – पितृ कर्म

मातृ – पितृ कर्म

मातृ – पितृ कर्म प्रश्न:   मैं अमेरिका में रहता हूँ। मेरे माता-पिता वृद्ध हैं और भारत में अकेले रहते हैं। मैं चाहता हूँ कि वे यहाँ आकर मेरे पास रहें। परंतु उन्हें यहाँ रहना पसंद नहीं है। वे वृद्ध हैं और काफी परेशानी में हैं। मैं अपना परिवार छोड़ कर उनकी सेवा...