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घड़ियाली कर्म

by | दिसम्बर 13, 2018 | अवर्गीकृत

प्रश्न:
मैंने यह पढ़ा कि एक नेशनल पार्क में एक घड़ियाल ने एक बच्चे को पकड़ा और मार डाला। पढ़कर बहुत दुःख हुआ। यह उस बच्चे का कर्म था ऐसा बोलना शायद गलत हो जायेगा।उस बच्चे का कर्म बोलकर क्या ऐसा नहीं हो रहा कि हम गलती करने वालों को ऐसे ही छोड़ रहे हैं?
उत्तर:
सुनने में शायद अच्छा नहीं लगेगा पर यह सच है कि यह उस आत्मा का कर्म ही था जिसकी वजह से वो घड़ियाल के हाथों मर गया।आप अनुकंपित इसलिए हो रहे हैं क्योंकि वह आत्मा एक असहाय बच्चा था।पर आपको उस आत्मा के पूर्व जन्म के कर्मों के बारे में पता नहीं है।
यह पक्का कर लीजिये कि भगवान/नियति/कर्म(जो भी आप मानते हैं ) 100% सही है, वो कभी भी गलत नहीं हो सकता। जिसको जो – जो मिलना है उसको केवल और केवल वही मिलेगा। थोड़ा भी कम नहीं, थोड़ा भी ज़्यादा नहीं।
अगर कोई अपराध करेगा तो उसको उसका कर्मफल भुगतना ही पड़ेगा। इससे छुटकारा नहीं मिल सकता , इसलिए चिंता मत कीजिये।अगर वह घड़ियाल ही अपराधी निकला तो वह ज़रूर अपने कर्मों का फल भुगतेगा ।आप निश्चिन्त होकर अपने कर्मों पर ध्यान दीजिये।

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