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विकल्प: क्या सही है और क्या गलत ?

by | दिसम्बर 13, 2018 | अवर्गीकृत, अवर्गीकृत

प्रश्न :

क्या विवेक का इस्तेमाल करना एक तरह की माँग/इच्छा है? क्योंकि गलत और सही का चुनाव करना इस मन से सम्बंधित है।

उत्तर :

वास्तव में विवेक सही और गलत के भेदभाव/पक्षपात से गहरा है। विवेक की सहायता से अपने अंदर की चेतना को पूर्ण रूप से शुद्ध और पवित्र रखा जा सकता है। जब आप कुछ ऐसा करते हो जिससे आपके अंदर एक अशुद्ध भावना का निर्माण होता है (घृणा/नफ़रत, जलन, गुस्सा, दुःख, तृष्णा, उत्तेजना, चाहना या न चाहना, आदि) तब आपका विवेक आपको दूसरी दिशा में जाने के लिए अंदर से चुभन महसूस कराता है। यह है विवेक की क्षमता। यह सिर्फ बाह्य रूप में सही या गलत नहीं है बल्कि ये आपके अंदर की चेतना की शुद्धता है।

तो असल में सिर्फ एक ही अक्लमंदी वाली/समझदारी वाली पसंद है, वह है प्रवाह के साथ चलो। और कोई पसंद है ही नहीं जो आप चुन सकें क्योंकि प्रवाह के साथ चलने से आपकी चेतना शुद्ध और तेजोमय रहती है।

अगर आप इसे अच्छे से समझ लें तो फिर आप देख पाएँगे कि इसमें कोई सापेक्षता है ही नहीं। यह हर समय हर किसी के लिए समान है। सच में तो चुनाव के लिए कुछ है ही नहीं। किसी तरह की पसंद या नापसंद ना रखने में ही मुक्ति है, समझे?

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